Chairman Message

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अनुशासन परिष्कार की अग्नि है , जससे प्रतिभा योग्यता बन जाती है ज़रुरत है उसे तराशने की | सोमिला इंटरनेशनल स्कूल ऐसे ही परिष्कृत व कसौटी पर खरे उतरे विचारों को लेकर आगे बढ़ रहा है| जीवन में सफ़लता प्राप्त करने के लिए सामान्य चीज़ों को भी असाधारण रूप से करना होता है | साधारण और असाधारण व्यक्तित्व के बीच का अंतर थोड़ा-सा अतिरिक्त होता है और यही अतिरिक्त उस व्यक्ति को असाधारण बना देता है | बिना उत्साह के कभी किसी उच्च लक्ष्य की प्राप्ति नहीं की जा सकती| किसी की इच्छा शक्ति अगर उसके साथ हो तो वह कोई भी काम बड़े आसानी से कर सकता हैं | महात्मा गाँधी जी के अनुसार “शक्ति किसी भी शारीरिक क्षमता से नहीं आती बल्कि यह एक अदम्य इच्छा शक्ति से आती है|” विद्यालय ऐसी ही अदम्य इच्छा शक्ति को प्रत्येक विद्यार्थी के अंदर भर देना चाहता है ताकि वह जीवन में कभी भी कहीं भी , किसी भी परिस्थिति में मात न खाये | शिक्षा के गुर तो उसमें हो ही साथ ही वह लोक व्ह्यवहारिक ज्ञान को भी जीवन में अपनाकर चलें।
विगत तीन वर्षों से विद्यालय निरंतर प्रगति कर नए आयाम प्रस्तुत कर रहा है। जिसने न केवल क्षेत्र वासियों के मध्य मिसाल कायम की बल्कि अल्प समय में भारत के उच्च विद्यालयों की श्रेणी में अपना नाम दर्ज कराया। प्रत्येक वर्ष की भातिं इस वर्ष भी विद्यालय पत्रिका प्रकाशित करने का कारण यही है कि विद्यार्थियों का हुनर न केवल सभी के सामने आ सके बल्कि उन्हें ऐसा प्रोत्साहन मिले जो उनके जीवन को नई दिशा प्रदान करें। उन्नति व प्रगति की श्रृंखला में विद्यालय उन सभी तथ्यों को सदैव ध्यान में रखेगा जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो व विश्व में उच्च शिखर प्राप्त करें। मैं सदैव सभी बालक-बालिकाएँ ,कर्मचारी व विद्यालय से जुड़े प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष महानुभावों के उज्ज्वल भविष्य व प्रगति की कामना करता हूँ ।

श्री चेतन प्रकाश डीडवानिया​ - निदेशक

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